Sunday, 19 April 2015

परशु राम जयंती कि शुभ कामनाएं

ब्राह्मण कल्याण सभा बैजनाथ कि और से सभी देश ब प्रदेश बासियों को भगवन परशुराम कि जयंती कि शुभ कामनायें


   ब्राह्मण सभा बैजनाथ द्वारा जो यज्ञोपवीत  हर वर्ष बैजनाथ मै चामुंडा मंदिर मै किये जाते है इस वर्ष
8 बचों कि लिस्ट प्राप्त हुई है यह यज्ञोपवीत दिनाक 20 से 21 अप्रैल 2015 को परशु राम जयंती के दिन डाले जा रहे है मेरा सभी बैजनाथ कि ब्राह्मण कल्याण शाखा सभाओं से निबेदन है कि सभी सदस्य गण समय पर पहुंच कर कार्य क्रम  कि शोभा बढाएँ

Friday, 3 May 2013

चामुंडा मन्दिर बैजनाथ

इतिहासिक शिव मन्दिर बैजनाथ से 20 मीटर की दुरी पर माँ चामुंडा देवी का मन्दिर है जो की प्रयटन की दृष्टी से अतिसुंदर है .तथा इस मन्दिर मै बाहर से आय हुए प्रयटकों के लिय रहने के लिय उचित ब्यबस्था है .इस मन्दिर के साथ ही बाबा बैजनाथ कल्याण समिति की सराय है जिस की बहुत बड़ा भवन है लगभग 400 से 500 यात्री एक समय मै ठहर सकते हैं  इसकी बुकिंग मन्दिर न्यास कमेटी के पास लगभग 15 से 20 दिन पहले करनी पड़ती है .चामुंडा मन्दिर सराय का चिअरमैन उप मंडल अधिकारी होता है सारा काम  उनकी ही देख रेख मै होता है ओर संचालन समिति के अन्य सदस्य करते हैं .हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण सभा की बैजनाथ इकाई भी परशुराम राम की जयंती पर यहाँ यज्ञोपवीत करबाती है .इस मन्दिर की जो न्यास कमेटी है बह इस प्रकार है .        
                   1:--चेयरमैन  उपमंडल अधिकारी बैजनाथ      
                   2:-- वायस चेयर मैन  तहसीलदार बैजनाथ  
                   3:-- सरंक्षक   शाशिगिरी      
                   4:-- प्रधान सुरेश ( फुन्गरी)
                   5:-- उप प्रधान  बाल किशन बंटी    
                   6:-- सेक्रेटरी  रतन चोधरी  
                   7:-- कोषाअध्यक्ष  सुनील अवस्थी    
                  8:-- प्रेस सचिब  सर्वजीत डोहरू      

           

Friday, 26 April 2013

एतिहासिक शिव मन्दिर

धोलाधार के आगन मैबैजनाथ से 10 किलोमीटर की दुरी पर फटाहर गांव पड़ता है .इस गांव मै शिव भोले का एक प्रसिद्ध मन्दिर है जिसे की गांव मै खोडेशबर् महादेव के नाम से जाना जाता है .इस मन्दिर की बिशेष पहचान यह है की इस मन्दिर में जो शिवलिंग तथा बैल की मूर्ति है बह लगभग 800 बर्ष पुरानी है तथा उसी शेली में है जैसे शिव मन्दिर बैजनाथ में है इसके साथ ही लगभग इतना ही पुराना बट का बृक्ष है जो की मन्दिर की शोभा को ओर भी सुंदर करता है .पर्यटन की दृष्टि से यह स्थान अतिसुंदर है इस गांव मै लगभग 15 से 20 दुकानें हैं तथा उन पर सभी प्रकार की  सुभिधा उपलब्ध है इस मन्दिर को बनबाने में स्वर्गीय अर्जुन दास डोहरू स्वर्गीय कांशी राम डोहरू स्वर्गीय बिशन दास डोहरू स्वर्गीय गोविन्द राम डोहरू स्वर्गीय राम प्रकाश डोहरू स्वर्गीय सुभाष अवस्थी त्रिलोक नाथ परोहित सुरिंदर अवस्थी स्वर्गीय कुलदीप डोहरू का बिशेष योगदान रहा है .कहते हैं की जो भी शिव भगत इस शिव लिंग को सुबह 5 से 8 बजे तक सुध जल से स्नान करवाता है बह किसी भी प्रकार के रोग से बिमुक्त हो जाता है और दीर्घ आयु को प्राप्त  होता है .  

                                                                                              जारीकर्ता
                                                                                         मन्दिर न्यास कमेटी फटाहर